प्रोफेसर विजेंद्र चौहान
प्रोफेसर विजेंद्र चौहान के बारे में जातिवादी समूह झूठी और भ्रमित करने वाली खबरें चला रहे हैं.
माइथोलॉजी पर लिखने वाले लेखक देवदत्त पटनायक ने अपने एक ट्वीट में कहा हिंदुओं को ब्राह्मणों से हिंदुइज्म को वापस प्राप्त करना चाहिए.
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इस ट्वीट के जवाब में प्रोफेसर विजेंद्र चौहान ने ट्वीट किया हिंदुओं को पहले अपने धर्म को ब्राह्मणवाद के चंगुल से आज़ाद करने की जरूरत है.
विजेंद्र चौहान ने कहीं भी अपने ट्वीट में किसी जाति का नाम नही लिया. और ना ही धर्म का अपमान किया. ब्राह्मणवाद का अर्थ केवल ब्राह्मण नही है.
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ब्राह्मणवाद का अर्थ ब्राह्मणवादी अव्यवस्था से है जहां जन्म के आधार पर जाति वर्ण, जातीय भेदभाव और जातीय हिंसा का पालन होता है.
ब्राह्मणवाद के दायरे हर जाति आती है. यहां तक OBC SC ST वर्ग की कोई जाति अगर भेदभाव का पालन करती हैं तो वो जाति भी ब्राह्मणवादी अव्यवस्था की पोषक हैं.
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प्रोफेसर विजेंद्र चौहान जी बहुजन समाज से हैं इसलिए जातिवादी मानसिकता के लोग उन्हें टारगेट कर रहे हैं.
प्रोफेसर विजेंद्र चौहान ने हिन्दू धर्म में सुधारवाद की बात की है. इस बात का तो स्वागत होना चाहिए.
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