Saturday, May 11, 2024

हमारी अतीत की असली पहचान


 हमारी अतीत की असली पहचान 

मजदूर दिवस: आज श्रमिक दिवस है? तो श्रमिक कौन है? श्रम का उद्देश्य? तो एक उद्देश्य के लिए श्रम करते है? उसके बदले पहचान क्या दी जाती है? फिर किस पहचान हेतु श्रम श्रमिक अहं वहं श्रमांस्मि, मयं समनस्मि पर श्रमण समनेर सरमन समन का सही उच्चारण जाने। फिर मैं कौन हूँ? मैं समण हूँ जब मैंने साफ़ साफ़ मना किया है कि मैं श्रमण नहीं हूँ, तो कौन लोग है जो समण को श्रमण श्रमिक बोलते हैं, मेरे समय अर्थात बुद्ध के समय में श्र, न, ष, त्र, ज्ञ, आधा र दो यात्राएं जैसी कोई भासा नहीं थी, मै समण हूँ।

आपको कोई समण नहीं बना सकता। आप समण है ये सत्य आपकी अंतिम साँस तक और उसके बाद भी सत्य ही रहेगा। आपके बच्चे समण रहेंगे और आपके पूर्वज भी समण ही थे। बुद्धिस्ट बनना, जैन बनना, ईसाई बनना, मुस्लिम बनना, सिख बनना या किसी और मत या पंथ में जाना ये पूरी तरह आपका निजी निर्णय हो सकता है क्योंकि कोई भी मत में जाना और उसे अपनाना उस मत के लिये आपके अभ्यास पर निर्भर करता है। बुद्ध भी समण थे। बाबा साहब समण ही थे। उनके अनुयायी उनके पैदा होने के बाद बने हैं लेकिन हैं सब समण।

समण संघ में व्यक्ति की पहचान क्यों खत्म हो जाती है? सिवाय संघ परिवार के जैसे हजार नदिया समुद्र में गिरती है और फिर समुद्र कहलाती है ठीक वैसे ही एक अकेला व्यक्ति करोड़ों लोगों में ए मिलता है फिर वह अकेला व्यक्ति नहीं होता उसका अस्तित्व विशाल समण संघ बन जाता है। पर, संगठन मनुस्मृति पर आधारित है उसका परिणाम हमेशा मनुस्मृति बनाने वालों के पक्ष में जाएगा यदि आपको इस बात को देखना है तो किसी भी संगठन का इतिहास उठा ले आप आओगे जैसे-जैसे संगठन ने अपना काम बढ़ाया विरोधी को फायदा होता गया दुनिया में आज तक कोई भी बदलाव किसी संगठन ने नहीं किया है कुछ संगठन से धन्यवाद जी सौदेबाजी करते हैं दुनिया के सारे बदलाव "संघ" ने किए हैं। बुद्ध के संघ को देखो सिखों के संघ को देखो 2 अप्रैल 2018 को अपने आप बने संघ को देखो संघ के अतिरिक्त सब समय और पैसा खराब है किसान जब तक 32 संगठन में थे और रहे थे जैसे ही 32 संगठन एक संघ में आए जीत गए भारत जब गुलाम था तब हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई का एक संघ बनाया गया जो अस्थाई था फिर अंग्रेज भागे अस्थाई संघ भी ताकतवर होता है। निष्कर्ष, मैं मजदूर हूँ पर मेरी पहचान समण है मेरी संस्कृति समण है हम समतावादी है हमारा संघ समण संघ है।

जुड़े -जोड़े, समण संघ में जुड़े -समण संघ की शक्ति बने।

#मैंमजदूरहूँ #मैंसमणहूँ

(विश्वविद्यालय सत्यशोधक समाज-बौद्धिक समिति: समण संघ)

(01-05-2024)

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