Saturday, June 15, 2024

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संघ

:::संघ:::
ऐसा संघ जो अच्छे #स्वतंत मार्ग पर चले।
ऐसा संघ जो सीधे #बन्धुत्त मार्ग पर चले।
ऐसा संघ जो विधि #न्याय मार्ग पर चले।
ऐसा संघ जो उचित #समता मार्ग पर चले।
ऐसा समण संघ। हमर अपना #समण संघ।
ऐसा समण संघ जो
बमणों का नहीं, समणों का संघ है।
विषमता का नहीं, समता का संघ है।
#संघ

बुद्ध से पहले एक संघ चलता था 'समण संघ'। जिसे हमारे ही पुरखों ने चलाया था। सभी प्रकार के निर्णय और फैसले संघ के द्वारा ही किये जाते थे। संघ का निर्णय ही सर्वोपरि माना जाता था। संघ के द्वारा ही चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक ने स्वर्णिम शासन चलाया। सम्राट अशोक ने ही अपने शासन के दौरान “महाभारत” बनाया था। भारत के पुराने समण लोगों का संघ , जिस संघ ने बुद्ध जब बुद्ध नहीं थे , सिद्धत्थ गोतम थे उस समय उनको संघ का आदेस न मानने पर संघ निकाला, देस निकाला कि सजा दी थी (समण संघ / वमण संघ)

#संघ
जुड़ेंगे, जीतेंगे
जिद्द है, जुड़ने की
जब जुड़ेंगे, तब जीतेंगे
जितना जुड़ेंगे, उतना जीतेंगे
जहां जहां जुड़ेंगे वहां वहां जीतेंगे
जैसे जैसे जुड़ेंगे वैसे वैसे जीतेंगे
जो जुड़ेंगे वो ही जीतेंगे
अभी जुड़ेंगे तो अभी जीतेंगे
100 साल बाद जुड़ेगे तो 100 साल बाद जीतेंगे
जुड़ोऔर जीतो!


" दस गोल्डन नियम" (Ten Golden Rule)

1. समण संघ में केवल समण ही आ सकते हैं
2. समण संघ में कभी चन्दा नहीं लिया जायेगा
3. हम केवल समण हैं, संघ में कभी जाति का अभ्यास नहीं होगा. यानि किसी भी जाति के नाम का संबोधन नहीं किया जायेगा
4. समण संघ में केवल संघवाद रहेगा, व्यक्तिवाद को कोई स्थान नहीं
5. संघ में कभी भी पद-प्रतिष्ठा-मंच-माला को कोई स्थान नहीं होगा.
6. समण संघ का पंजीकरण कभी नहीं होगा
7. संघादिसेस यानि संघ का आदेश सभी के लिए सबसे ऊपर रहेगा
8. संघ राजनीति में कभी नहीं जायेगा
9. संघ घातक की वापसी संघ में कभी नहीं होगी
10. उपरोक्त 1 से 9 तक के नियम संघ का आधार हैं, ये ना कभी बदले जायेंगे और ना ही कभी ख़त्म किये जायेंगे और ना ही कभी अमान्य किये जायेंगे।


"बिखरा हुआ समाज या बिखरे हुए लोग कभी शासक नहीं बन सकते! --मा.साहेब कांशीराम जी

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कांशीराम बहुजन विचार विज्ञान केंद्र




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